की तेरी तस्वीर देखे बिना ।मेरा शाम नही होता की तू ना मिले तो हमें आराम नहीं होता।
और तेरे तस्वीर को चांद से भी छुपा कर रखूं ।और तेरे तस्वीर को चांद से छुपा कर रखो कहीं नजर ना लगे इंतकाम नहीं होता। मोहब्बत का जरिया है उसका नाम नहीं होता।
की तेरी तस्वीर देखे बिना ।मेरा शाम नही होता की तू ना मिले तो हमें आराम नहीं होता।
और तेरे तस्वीर को चांद से भी छुपा कर रखूं ।और तेरे तस्वीर को चांद से छुपा कर रखो कहीं नजर ना लगे इंतकाम नहीं होता। मोहब्बत का जरिया है उसका नाम नहीं होता।